सुरक्षित मातृत्व के लिए हजारों गर्भवतियों की हुई स्वास्थ्य जांच

आगरा, 09 जून। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (PMSMA) के तहत मंगलवार को जनपद के 47 सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच की गई। इस दौरान गर्भवतियों को स्वास्थ्य संबंधी परामर्श देने के साथ आयरन एवं कैल्शियम की गोलियों का वितरण भी किया गया।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण प्रसव पूर्व स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना और मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाना है। उन्होंने कहा कि गर्भावस्था के दौरान एनीमिया एक गंभीर समस्या है, इसलिए महिलाओं को नियमित रूप से हीमोग्लोबिन जांच करानी चाहिए। अभियान दिवस पर एमबीबीएस चिकित्सकों और स्त्री रोग विशेषज्ञों द्वारा गर्भवतियों की जांच सुनिश्चित की जाती है।

डिप्टी सीएमओ (आरसीएच) डॉ. सुरेंद्र मोहन प्रजापति ने बताया कि एक अप्रैल 2026 से एक जून 2026 तक जनपद में 13,476 गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच की गई, जिनमें 1,805 उच्च जोखिम वाली गर्भवतियों (एचआरपी) की पहचान की गई। सभी महिलाओं को बेहतर उपचार एवं निगरानी के लिए उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में संदर्भित किया जा चुका है।

उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल 1,29,478 गर्भवतियों की जांच की गई थी, जिनमें 14,944 हाई रिस्क प्रेग्नेंसी के मामले सामने आए थे।

जिला मातृ स्वास्थ्य परामर्शदाता संगीता भारती ने बताया कि पीएमएसएमए दिवस के दौरान गर्भवती महिलाओं की ब्लड प्रेशर, हीमोग्लोबिन, शुगर, यूरिन, वजन, ब्लड ग्रुप, सीबीसी, हेपेटाइटिस-बी, एचआईवी, टीबी तथा सिफलिस समेत विभिन्न आवश्यक जांचें की गईं। जरूरतमंद महिलाओं को आयरन सुक्रोज तथा अन्य स्वास्थ्य सेवाएं भी उपलब्ध कराई गईं।

इसके साथ ही केंद्रों पर पहुंचे दंपतियों को परिवार नियोजन के विभिन्न साधनों की जानकारी दी गई तथा सुरक्षित मातृत्व और संस्थागत प्रसव के महत्व के बारे में जागरूक किया गया।

जीवनीमंडी केंद्र पर 52 महिलाओं की जांच

शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जीवनीमंडी की प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. मेघना शर्मा ने बताया कि केंद्र पर 52 गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच की गई, जिनमें सात महिलाओं को हाई रिस्क श्रेणी में चिन्हित कर उच्च संस्थान के लिए संदर्भित किया गया।

दहतोरा मोड़ केंद्र पर दो एचआरपी चिन्हित

शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दहतोरा मोड़ की प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. दीक्षा गौतम ने बताया कि केंद्र पर 16 गर्भवती महिलाओं की जांच की गई, जिनमें दो महिलाओं को हाई रिस्क प्रेग्नेंसी के रूप में चिन्हित कर आगे की चिकित्सा देखरेख के लिए रेफर किया गया।

दहतोरा मोड़ क्षेत्र की निवासी छह माह की गर्भवती अफसाना ने बताया कि जांच के दौरान उनकी सभी रिपोर्ट सामान्य आईं। चिकित्सकों ने उन्हें नियमित रूप से आयरन और कैल्शियम की गोलियां लेने, पौष्टिक आहार का सेवन करने, पर्याप्त पानी पीने तथा संस्थागत प्रसव कराने की सलाह दी।

स्वास्थ्य विभाग ने सभी गर्भवती महिलाओं से अपील की है कि वे प्रत्येक माह आयोजित होने वाले प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस में शामिल होकर अपनी नियमित प्रसव पूर्व जांच अवश्य कराएं

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