ग्रामीण इलाकों में किसानों का कहना है कि अगर ओले और बारिश का यह सिलसिला जारी रहा, तो फसल की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों पर बुरा असर पड़ेगा। कई जगहों पर खेतों में पानी भरने लगा है, जिससे आलू और सब्जियों की फसल सड़ने का खतरा बढ़ गया है। तेज़ गरज और ओलों की आवाज़ से गांवों में दहशत जैसा माहौल है। किसान अपने खेतों की ओर भागकर नुकसान का जायजा ले रहे हैं, जबकि कुछ लोग फसल को बचाने के लिए पानी की निकासी की कोशिशों में जुटे हैं।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ घंटों तक मौसम का मिज़ाज ऐसा ही बना रह सकता है। बादलों की सक्रियता और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से बारिश और ओलावृष्टि की संभावना बनी हुई है। फिलहाल, गरजते बरसते बादल और बादलों में गड़गड़ाते ओले किसानों की उम्मीदों पर भारी पड़ते दिखाई दे रहे हैं।
