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जगनेर (आगरा)। दुष्कर्म के एक मामले में आरोपित दो युवकों को कथित रूप से 15 दिनों तक अवैध हिरासत में रखने के आरोपों के बाद बसई जगनेर थाने के इंस्पेक्टर धर्मेंद्र सिंह भाटी विवादों में घिर गए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो के बाद पुलिस विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार मार्च 2026 में बसई जगनेर थाने में राहुल, रवि और हरेश के खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया गया था। विवेचना के दौरान पुलिस ने हरेश का नाम मामले से हटा दिया था, जबकि राहुल और रवि को हिरासत में रखा गया। आरोप है कि दोनों युवकों को करीब 15 दिनों तक थाने में रखा गया और समय पर कानूनी कार्रवाई नहीं की गई।
पीड़ित पक्ष के परिजनों ने पुलिस अधिकारियों से शिकायत करते हुए आरोप लगाया कि मामले में कार्रवाई के बदले बड़ी धनराशि की मांग की गई थी। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वे कथित रूप से रकम की व्यवस्था नहीं कर सके। इसके बाद परिजनों द्वारा अदालत में प्रार्थना पत्र दिए जाने पर दोनों आरोपितों को जेल भेजा गया।
इसी बीच इंस्पेक्टर धर्मेंद्र सिंह भाटी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। 1 मिनट अट्ठावन सेकेंड के वीडियो में कथित रूप से वह यह स्वीकार करते सुनाई दे रहे हैं कि दोनों युवक 15 दिनों तक थाने में रहे थे। उनको खाने-पीने की व्यवस्था भी की गयी किसी भी तरह की कोई समस्या नहीं हुई लेकिन वो तेज बने तो कोर्ट में पैस करने पड़े और जज साहब से भी डांट खानी पड़ी।
वीडियो सामने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया और पुलिस महकमे में भी हलचल मच गई।
वायरल वीडियो की पुष्टि आपका अपना देहात न्यूज टुडे नहीं करता है।
हालांकि इंस्पेक्टर धर्मेंद्र सिंह भाटी ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए वायरल वीडियो को कृत्रिम तकनीक (एआई) की मदद से तैयार किया गया बताया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी पश्चिम ने जांच एसीपी खेरागढ़ को सौंप दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
(नोट: मामले की जांच जारी है। आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।)
