आगरा। उत्तर प्रदेश में पंचायत व्यवस्था को लेकर बड़ा प्रशासनिक बदलाव देखने को मिल सकता है। 26 मई 2026 के बाद 690 ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त हो जाएगा। ऐसे में यदि समय पर पंचायत चुनाव नहीं होते हैं, तो गांवों की जिम्मेदारी एडीओ पंचायत और ग्राम पंचायत सचिवों को सौंपी जा सकती है।
जानकारी के मुताबिक प्रशासन ने इसकी तैयारी भी शुरू कर दी है। गांवों को अलग-अलग क्लस्टर में बांटकर अधिकारियों की तैनाती की जाएगी, ताकि विकास कार्य और सरकारी योजनाएं प्रभावित न हों। जिले की 690 ग्राम पंचायतों को 267 क्लस्टर में बांटा गया है, जहां 15 एडीओ पंचायत और 157 सचिव तैनात किए जाएंगे।
कार्यकाल खत्म होने के बाद मौजूदा प्रधान वित्तीय फैसले और विकास कार्यों में सीधे हस्तक्षेप नहीं कर पाएंगे। वहीं कई प्रधानों ने मांग उठाई है कि चुनाव होने तक उन्हें ही प्रशासक बनाया जाए।
अब सबकी नजर सरकार और चुनाव आयोग के अगले फैसले पर टिकी है कि पंचायत चुनाव कब कराए जाएंगे।
