रंजीता सिंह फ़लक के काव्य संग्रह "चुप्पी प्रेम की भाषा है" को मिला "अनामिका साहित्य सम्मान 2025"


बेतिया। रविवार को राम लखन सिंह यादव महाविद्यालय, बेतिया के भव्य सभागार में अनामिका साहित्यिक एवं सांस्कृतिक मंच, बेतिया द्वारा रंजीता सिंह 'फलक को 
'अनामिका साहित्य सम्मान-2025' दिया गया। रंजीता के द्वितीय काव्य-संग्रह 'चुप्पी प्रेम की भाषा है' के लिए उन्हें  सम्मानित किया गया।
वाणी प्रकाशन द्वारा प्रकाशित इस कृति के लिए उन्हें धन राशि, सम्मानपत्र, अंगवस्त्र और श्रीफल से सम्मानित किया गया।
 वहीं कार्यक्रम में चयनित पुस्तक पर एक विशेष परिचर्चा भी आयोजित की गयी। 
इसी दौरान डॉ. शिप्रा मिश्रा पाण्डेय की हिंदी काव्य-पुस्तक  'नहीं रहना मुझे पिंजरबद्ध' और डॉ० सुशीला ओझा द्वारा संपादित पच्चीस कवियों का साझा काव्य-संकलन 'आसावरी भाग 2' का लोकार्पण हुआ। 

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