लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में राजस्व संबंधी कार्यों को अधिक सुगम और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से बड़ा निर्णय लिया है। आयुक्त एवं सचिव, राजस्व परिषद उत्तर प्रदेश ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए ग्राम सचिवालयों में लेखपालों के बैठने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं।
25 जून 2026 को जारी आदेश के अनुसार, ग्राम सचिवालयों के माध्यम से संचालित विभिन्न सरकारी योजनाओं और ऑनलाइन सेवाओं में राजस्व विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। ग्राम स्तर पर जाति, आय, निवास, खतौनी की नकल सहित कई राजस्व सेवाओं के लिए लेखपाल की आवश्यकता पड़ती है। ऐसे में अब ग्राम सचिवालय में लेखपालों की नियमित उपस्थिति से ग्रामीणों को एक ही स्थान पर अधिक सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
आदेश में कहा गया है कि लेखपालों द्वारा न केवल राजस्व विभाग के कार्य किए जाते हैं, बल्कि किसान सम्मान निधि, फसल सर्वेक्षण, वरासत, प्राकृतिक आपदा रिपोर्ट, कृषि गणना, भूमि सत्यापन, राशन वितरण सत्यापन समेत कई विभागीय कार्यों में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। अब तक ग्राम पंचायत स्तर पर उनके बैठने के लिए निर्धारित स्थान न होने के कारण ग्रामीणों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था।
राजस्व परिषद ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जनपद स्तर पर रोस्टर तैयार कर प्रत्येक लेखपाल के ग्राम सचिवालय में बैठने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। यह व्यवस्था 1 जुलाई 2026 से प्रभावी होगी।
साथ ही निर्देश दिए गए हैं कि यदि किसी जनपद में इस व्यवस्था को लागू करने में कोई समस्या हो तो उसकी सूचना 30 जून 2026 तक राजस्व परिषद को उपलब्ध कराई जाए। अन्यथा यह माना जाएगा कि संबंधित जनपद में 1 जुलाई 2026 से व्यवस्था लागू हो गई है।
इस फैसले से ग्रामीण क्षेत्रों में राजस्व सेवाओं की उपलब्धता आसान होने के साथ-साथ सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में भी तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।